अक्टूबर 29, 2026

बेमौसम बारिश की आशंका से किसानों की बढ़ी चिंता, धान की फसल बचाने चंद्रप्रकाश सूर्या ने की सतर्क रहने की अपील

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विमल कांत की रिपोर्ट 7389310970

Hindtimes news24x7 मस्तूरी/बिलासपुर। प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज और बेमौसम भारी बारिश की आशंका को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री एवं जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश सूर्या ने किसानों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खेतों में महीनों की कड़ी मेहनत, पसीने और उम्मीदों से तैयार धान की फसल को प्राकृतिक आपदा से बचाना इस समय सबसे बड़ी आवश्यकता है। किसान मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए धान की कटाई का निर्णय लें, ताकि उनकी मेहनत और आर्थिक हितों को नुकसान न पहुंचे।चंद्रप्रकाश सूर्या ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। किसान दिन-रात मेहनत करके खेतों में फसल तैयार करता है। ऐसे समय में यदि बेमौसम बारिश के कारण उसकी तैयार फसल खराब हो जाए, तो यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि उसकी महीनों की मेहनत और परिवार की उम्मीदों पर भी गहरा आघात है।उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि जिन खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है, वहां मौसम की स्थिति को देखते हुए यथासंभव कुछ दिनों के लिए कटाई टाल दें। वहीं जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है, वे कटी हुई फसल को खेतों में खुले में न छोड़ें। धान को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर रखें तथा अच्छी गुणवत्ता वाले तिरपाल से ढककर बारिश के पानी से बचाने की व्यवस्था करें।सूर्या ने कहा कि बारिश के पानी से धान भीगने पर उसमें नमी बढ़ सकती है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने और भंडारण के दौरान नुकसान होने की आशंका रहती है। उन्होंने किसानों को खेतों में जलभराव रोकने के लिए पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने की भी सलाह दी। साथ ही दलहन एवं तिलहन की फसलों को संभावित कीट एवं रोगों से बचाने के लिए कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेने का आग्रह किया।फसल नुकसान की स्थिति में तत्काल कृषि विभाग को दें सूचना चंद्रप्रकाश सूर्या ने किसानों से अपील की कि यदि बेमौसम बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंचता है, तो तत्काल संबंधित कृषि विभाग, राजस्व अधिकारियों अथवा फसल बीमा कंपनी को इसकी सूचना दें। नुकसान की तस्वीरें एवं आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखें, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार बीमा एवं अन्य सहायता प्राप्त करने में परेशानी न हो।उन्होंने स्थानीय प्रशासन एवं कृषि विभाग से भी आग्रह किया कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को समय पर आवश्यक जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही संभावित फसल नुकसान की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वेक्षण कर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।किसानों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े हैं — चंद्रप्रकाश सूर्यासूर्या ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है और यहां के लाखों परिवारों की आजीविका खेती-किसानी पर निर्भर है। ऐसे में किसानों की फसल की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा, “किसान के खेत में लहलहाती फसल केवल धान की बालियां नहीं, बल्कि उसके परिवार के सपने, बच्चों का भविष्य और सालभर की उम्मीदें होती हैं। बेमौसम बारिश से अन्नदाताओं की मेहनत पर पानी न फिरे, इसके लिए सभी किसानों को सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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