
विमल कांत की रिपोर्ट
Hindtimes news24x7 पचपेड़ी क्षेत्र में स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (ITI) की हालत इन दिनों बेहद चिंताजनक बनी हुई है। सैकड़ों छात्र-छात्राएं आसपास के गांवों से यहां तकनीकी शिक्षा हासिल करने आते हैं, लेकिन संस्था की वर्तमान स्थिति उनके स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के लिए खतरा बनती जा रही है।
संस्था परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जानकारी के अनुसार, महीनों से यहां नियमित साफ-सफाई नहीं हुई है। वॉशरूम की हालत तो और भी बदतर है कई महीनों से पानी की व्यवस्था ठप पड़ी है, नल टूटे हुए हैं और बाथरूम उपयोग के लायक नहीं रह गए हैं। ऐसे हालात में छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि संस्था में चपरासी की नियुक्ति होने के बावजूद सफाई का जिम्मा छात्रों पर डाल दिया गया है। छात्र-छात्राएं न केवल अपनी कक्षाओं में, बल्कि पूरे परिसर में झाड़ू लगाते और सफाई करते नजर आते हैं। छात्रों का आरोप है कि यहां पढ़ाई भी नाम मात्र की ही हो रही है। शिक्षकों के आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है, न ही नियमित रूप से थ्योरी और प्रैक्टिकल क्लासेस संचालित हो रही हैं। छात्रों का कहना है कि यह संस्था केवल कागजों में ही चल रही है, जबकि जमीनी हकीकत बेहद निराशाजनक है। दूर-दराज से आने वाले छात्रों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है।वहीं, संस्था प्रमुख पी. के. यूके ने सफाई व्यवस्था को लेकर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि बोर मशीन खराब होने के कारण पिछले कुछ महीनों से पानी की समस्या बनी हुई है, जिसे जल्द ही ठीक कराया जाएगा। छात्रों द्वारा सफाई करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह उनके शिक्षा का हिस्सा है और उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।फिलहाल, सवाल यह उठता है कि क्या इस तरह की अव्यवस्था में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पाएगी या फिर उनका भविष्य यूं ही अंधकार में डूबता रहेगा।







