
विमल कांत की रिपोर्ट
Hindtimes news24x7 मल्हार।नगर पंचायत मल्हार के मुख्य मेला चौक में लाखों रुपए की लागत से लगाई गई हाई मास्ट लाइट वर्षों से बंद पड़ी है, जबकि आज से इसी स्थल पर दो दिवसीय मल्हार महोत्सव का आयोजन होना है। आयोजन को लेकर जहां प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं बुनियादी व्यवस्था की अनदेखी ने स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा कर दी है।

मेला चौक, जहां भगवान पातालेश्वर का प्राचीन मंदिर स्थित है और रोजाना बाजार लगता है, वहां शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। इस महत्वपूर्ण स्थल पर हाई मास्ट लाइट के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट भी पिछले करीब पांच वर्षों से बंद पड़ी हैं, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महोत्सव को लेकर बीते एक सप्ताह से अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ और नगर पंचायत सीएमओ लगातार निरीक्षण कर रहे हैं, लेकिन अब तक किसी ने भी बंद पड़ी लाइटों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब मुख्य आयोजन स्थल ही अंधेरे में डूबा है, तो व्यवस्थाओं का दावा कितना सही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वार्ड क्रमांक 2 और 5 में भी सड़क किनारे लगी स्ट्रीट लाइट महीनों से खराब पड़ी हैं। इस संबंध में कई बार नगर पंचायत और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रात के समय अंधेरा होने से जहां आवागमन में दिक्कत होती है, वहीं लोगों में असुरक्षा की भावना भी बनी रहती है। बाजार क्षेत्र होने के कारण यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों और वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि महोत्सव शुरू होने से पहले ही हाई मास्ट लाइट और स्ट्रीट लाइट की तकनीकी खराबी को तत्काल सुधार कराया जाए, ताकि आयोजन सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
सवाल यह है:जब लाखों रुपए खर्च कर सुविधाएं दी गई हैं, तो उनका रखरखाव क्यों नहीं हो रहा? और क्या अंधेरे में ही होगा मल्हार महोत्सव?







