ग्राम जलसों में शिक्षा का अनोखा मिशाल दे रहे हैं गांव के एक पंच मुरलीधर कमलाकर और उनके परिवार द्वारा स्कूली बच्चों को बांटी शैक्षणिक सामग्री
विमल कांत की रिपोर्ट 7389310970
Hindtimes news24x7 पचपेड़ी ग्राम जलसों में शिक्षा का अनोखा मिशाल दे रहे हैं गांव के एक पंच श्री मुरलीधर कमलाकर और उनके परिवार द्वारा अपने माता पिता के स्वर्गवास होने पर दशगात्र कार्यक्रम पर गांव के ही सरकारी मिडिल और प्रायमरी स्कूल में शिक्षा से जुड़े सामग्रियों को दान में दे रहे हैं ग्राम जलसों में श्री मुरलीधर कमलाकर पंच अपने पिता स्वर्गीय बिहारीलाल कमलाकर और उनकी माता स्वर्गीय श्रीमती ग्वालिन बाई कमलाकर के दशगात्र कार्यक्रम पर ग्राम के ही सरकारी स्कूल प्रायमरी और मिडिल स्कूल में छात्र और छात्रों के लिए पेन,किताब, पेंसिल, कलर ड्राइंग पेंसिल, बैग और अन्य सामग्री बाटी गई

शिक्षा और शिक्षा के प्रति गांवों के बच्चों का विकास होगा मुरली धर कमलाकर और उसके बड़े भईया राजकुमार कमलाकर गांव में किसान है और खेती किसानी का काम करते हैं अपने बच्चों शिक्षा के साथ साथ शिक्षा के प्रति गांवों के बच्चों शिक्षा के लिए एक अच्छी सोच रखते है जो शिक्षा के प्रति हर साल गांवों के बच्चों के लिए कुछ ना कुछ करते रहते हैं, गांवों के बच्चों लिए सरकारी स्कूल में ही कम्प्यूटर सीखने के लिए एक 25000 हजार रूपये का कंप्यूटर स्कूल में दिया है स्कूल में कंप्यूटर देकर गांवों के बच्चे अब अपने पढ़ाई के साथ साथ कंप्यूटर की शिक्षा भी ग्रहण कर रहे हैं उनकी इस पहल से गांव के साथ साथ छात्रों में भी एक अलग ही शिक्षा के प्रति जागरूक और लगन से पढ़ाई के लिए प्रेरित करता है मुरलीधर कमलाकर जी का बोलना है कि आगे भी शिक्षा और समाज जागरूक के प्रति बाबा साहेब डॉ. भीम राव अम्बेडकर जी और भारत के पहला शिक्षक और शिक्षिका महात्मा ज्योतिबा राव फुले जी और मां सावित्री बाई फूले जी के संघर्षों और उनके महान कार्य को आगे बढ़ाने के लिए मैं हमेशा तत्पर रहूंगा….और आगे भी मेरे और मेरे परिवार के द्वारा ग्राम जलसों में शिक्षा और समाज में जागरूक करने के लिए आगे भी कार्य करता रहूंगा सह सम्मनीय ग्राम जलसों के बीडीसी श्रीमती राजकुमारी महेश्वर कुर्रे, सरपंच श्री सुनील कुमार मरकाम जी, वरिष्ठ कवि और सामाजिक कार्यकर्ता श्री गोवर्धन मार्शल जी, गुरुजी श्री डीसपाल कमलाकर जी, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश कुमार कांत जी, डॉ. मायाराम कमलाकर जी, अश्वनी कमलाकर, श्री प्यारेलाल राय जी, सभी गुरु जन और ग्रामीण उपस्थित रहे

