
विमल कांत की रिपोर्ट
Hindtimes news24x7 मस्तूरी। गर्मी की शुरुआत के साथ ही मस्तूरी क्षेत्र में जल संकट गहराने लगा है। इस गंभीर समस्या को लेकर मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने विधानसभा के शून्यकाल में खूंटाघाट जलाशय से पानी छोड़े जाने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने सदन में कहा कि लगातार गिरते जलस्तर के कारण क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई दोनों ही बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कई गांवों में हैंडपंप और बोरवेल सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं, जिससे स्थिति चिंताजनक बन गई है। विधायक ने बताया कि ग्रामीणों को दूर-दराज के स्त्रोतों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं, पानी की कमी के चलते किसानों की फसलें सूखने लगी हैं, जिससे उनकी आजीविका पर भी संकट गहरा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि खूंटाघाट जलाशय क्षेत्र का प्रमुख जल स्रोत होने के बावजूद समय पर पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। यदि नियंत्रित तरीके से जलाशय से पानी छोड़ा जाए, तो जलस्तर में सुधार के साथ पेयजल और सिंचाई की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। अंत में विधायक लहरिया ने सरकार से इस मुद्दे को प्राथमिकता में रखते हुए तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की, ताकि मस्तूरी क्षेत्र की जनता को जल्द राहत मिल सके






