अगस्त 23, 2026

उज्ज्वला हॉस्पिटल में इलाज के नाम पर लूट ,सुविधाएं सीमित,इलाज के लिए सेवा शुल्क अधिक

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विमल कांत की रिपोर्ट 

मस्तूरी के किरारी मेन रोड स्थित अस्पताल पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप, छोटे इलाज के नाम पर हजारों रुपये की मांग।

Hindtimes news 24×7 बिलासपुर। मस्तूरी के किरारी मेन रोड स्थित उज्ज्वला हॉस्पिटल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे ग्रामीण मरीजों और उनके परिजनों की ओर से इलाज के नाम पर मनमानी राशि वसूलने और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सामान्य एवं छोटे उपचार के लिए भी उनसे हजारों रुपये की मांग की जाती है।खून जांच और बेड चार्ज के नाम पर अतिरिक्त वसूली का आरोप ग्रामीणों के मुताबिक अस्पताल में उपचार के दौरान खून जांच, बेड चार्ज सहित विभिन्न मदों में अलग-अलग राशि ली जाती है। आरोप है कि सामान्य बीमारी या छोटे उपचार के लिए भी मरीजों के परिजनों से करीब पांच हजार रुपये तक की राशि मांगने की स्थिति सामने आ रही है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों के लिए इलाज कराना भारी पड़ रहा है।नाम बड़े और काम..सुविधाओं पर उठे सवालअस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में जिन विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं की आवश्यकता होती है, उनकी उपलब्धता और पात्रता की भी स्वास्थ्य विभाग को जांच करनी चाहिए।दंत चिकित्सक से अन्य इलाज कराने का आरोपसबसे गंभीर सवाल उस समय खड़ा होता है जब ग्रामीणों की ओर से यह आरोप लगाया जा रहा है कि दंत चिकित्सक द्वारा भी अन्य प्रकार के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही है तो यह मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। स्वास्थ्य विभाग को संबंधित चिकित्सकों की शैक्षणिक योग्यता, पंजीयन, विशेषज्ञता और अस्पताल में दी जा रही सेवाओं की जांच करनी चाहिए।स्त्री रोग विशेषज्ञ कौन? स्वास्थ्य विभाग करे स्थिति स्पष्टअस्पताल में स्त्री रोग संबंधी उपचार कौन-सा विशेषज्ञ चिकित्सक करता है, इसको लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जिले में पदस्थ स्वास्थ्य अधिकारियों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अस्पताल में कौन-कौन से विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं और उनकी वैध योग्यता एवं पंजीयन क्या है।स्वास्थ्य विभाग की जांच से सामने आएगा सचग्रामीणों की शिकायतों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मस्तूरी स्वास्थ्य विभाग और जिले के जिम्मेदार अधिकारी उज्ज्वला हॉस्पिटल का निरीक्षण कब करेंगे? अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाएं, डॉक्टरों की योग्यता एवं पंजीयन, मरीजों से ली जाने वाली फीस, जांच शुल्क, बेड चार्ज तथा अस्पताल के दस्तावेजों की जांच की मांग उठ रही है।

अब देखना यह है कि मरीजों की शिकायतों पर स्वास्थ्य विभाग कब जागता है और उज्ज्वला हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कब होती है।

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