Vimal kant/Masturi
Hindtimes news मस्तूरी। मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में व्याप्त जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भाजपा सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया तथा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र धीवर एवं भोलाराम साहू के नेतृत्व में 22 जून को एसडीएम कार्यालय मस्तूरी, 24 जून को बिजली कार्यालय पचपेड़ी तथा 26 जून को बिजली कार्यालय सीपत का घेराव किया जाएगा। इसके पूर्व जोंधरा चौक मस्तूरी, बस स्टैंड पचपेड़ी एवं नवाडीह चौक सीपत में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित होगा।कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि क्षेत्र की जनता बिजली, सड़क, पानी, खाद-बीज, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, जबकि सरकार जनसमस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। इसी के विरोध में पार्टी ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया है।कांग्रेस की प्रमुख मांगों में अघोषित बिजली कटौती पर रोक, बेतहाशा बिजली बिलों में सुधार, खराब ट्रांसफार्मरों का शीघ्र प्रतिस्थापन तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा क्षेत्र की जर्जर एवं क्षतिग्रस्त सड़कों का सर्वे कर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग भी उठाई गई है।
खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने, कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने की मांग की गई है। वहीं गांवों और शहरी क्षेत्रों में बढ़ते पेयजल संकट को लेकर खराब हैंडपंपों की मरम्मत, नल-जल योजनाओं के नियमित संचालन और जरूरतमंद क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।
कांग्रेस ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग करते हुए शासकीय विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, अहाता एवं शेड निर्माण तथा स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों, नर्सों और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।सातवीं मांग के रूप में मस्तूरी मुख्यालय में विश्राम गृह, नवीन बस स्टैंड तथा जनपद कार्यालय के लिए नए भवन का निर्माण कराने की मांग भी शामिल है।विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने इन मांगों पर शीघ्र और गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से बड़ी संख्या में धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर जनहित की इस लड़ाई को मजबूत बनाने की अपील की है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि आम जनता, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए किया जा रहा है।






