
विमल कांत की रिपोर्ट
Hindtimes news मल्हार प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में स्टाफ नर्स की मनमानी किसी अधिकारी से कम नहीं मरीज होते है परेशान मरीजों को नहीं लगाती इंजेक्शन स्वास्थ विभाग गहरी नींद गायब रहने वाले कर्मचारियों का निकल जाता है तनख्वाह
मस्तूरी/क्षेत्र के प्रा.स्वा.केन्द्र मल्हार में इसे विडंबना ही कही जा सकती है कि एक ओर जहां नर्स की अनुपस्थिति लोगों की लिए परेशानी का कारण है, वहीं उपलब्ध चिकित्सक ड्यूटी पर उपलब्ध नहीं होते एक स्टॉफ नर्स की मनमानी से मरीजो के साथ आए परिजन भी परेशान हो जाते है मरीजों को इंजेक्शन भी नहीं लगाती मल्हार स्वास्थ्य केन्द्र में कोल्ड चैन बनाया गया जिसका संचालन प्रशिक्षित नर्स या ए एन एम द्वारा किया जाना चाहिए लेकिन मंजुला स्टाफ नर्स मंजुला रात्रे ने कोल्ड चैन प्वाइंट का संचालन करने से ही अपने उच्चाधिकारियों को मना कर दी जिसके बाद एक ड्रेसर को कोल्ड चैन पॉइंट का जिम्मेदारी दी गई जिसे वैक्सीन बारे में जानकारी नहीं इतना ही नहीं एक सफाई कर्मचारी को भी दवा वितरण केंद्र में बैठा दिया जाता है जच्चा बच्चा की बात करे तो डिलीवरी के समय एक महिला चिकित्सक के साथ नर्स की उपस्थिति नहीं होने पर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है सूत्रों की माने तो एक महिला नर्स अपने आप को किसी अधिकारी से कम नहीं समझती हो भी क्यों नहीं एक आर एम ओ का संरक्षण मिलेगा तो पवार रहेगा किसी भी अन्य कर्मचारियों को अपने घरेलू कार्य करवाने से बाज नहीं आती अस्पताल में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारीयों से करवा लिया जाता है, अस्पताल कर्मचारियों से समय में उसके घर का काम करते नजर आ जायेंगे आखिर इन कर्मचारियों में एक नर्स से इतना डर यहां तक जिले या ब्लॉक के चिकित्सक अधिकारियों से शिकायत करने के लिए डर जाते है एक नर्स सब पर भारी पड़ जाती हैं सूत्रों की माने तो मल्हार प्रा.स्वा.केन्द्र में तीन स्टॉफ नर्स की पोस्टींग है जिसमें एक स्टॉफनर्स नर्स दूसरे स्वास्थ केंद्र में अटैच हैं जो पदस्थ है, उनकी ग्रामीणों ने शिकायत कर जानकारी दी है एक स्टाफ नर्स सही तरीके से ड्यूटी नहीं करती अपने कमरे में रहती है बस थंब लगाने के बाद ही थोड़ा बहुत रहने के बाद एक कमरे में बैठी रहती है उसके द्वारा ना ही बी.पी. वजन की जांच कि जाती है बस पर आर.एम.ए. के कक्ष बैठी रहती है अन्य अपने स्टाफ का पर्सनल काम करती है जिससे दूसरे स्टॉफ नर्स के बीच गलत असर पड़ रहा है इसकी जानकारी सीसी टीवी से लिया जा सकता चूंकि डॉक्टर केबिन में बैठे होने के कारण उक्त नर्स बी. पी. वजन जांच नहीं हो पाता और न ही आने वाले मरिजों को इंजेक्शन लगाया जाता है न ही ए एन सी, पी एन सी जांच और डिलीवरी कराया जाता है ये अपने आप को किसी डॉक्टर से कम नहीं समझती दूसरे स्टॉफ को आदेशित करते रहती है विगत 3 वर्षों से वही एक महिला स्टाफ नर्स द्वारा संस्था में एक भी डिलवरी नही कराई गई है यहाँ तक की उक्त नर्स द्वारा डिलीवरी के बाद यू . विन जैसे पोर्टल में एंट्री नही करती है जो स्टॉफ नर्स द्वारा किया जाना होता है इस तरह की मनमानी से स्वास्थ केंद्र के साथ मरीज भी परेशान हो जाते है ऐसे में जबतक स्वास्थ विभाग की उच्च अधिकारीयो द्वारा समय समय पर जांच करना जरूरी है
वही मल्हार स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर महेंद्र मधुकर से इस संबंध में जानकारी लेने जो भी शिकायत सामने आ रहे उसका मै अपने उच्च अधिकारियों को अवगत करवा चुका कोल्ड चैन की जिम्मेदारी महिला स्टाफ नर्स मंजुला रात्रे को दी जा रही थी लेकिन उसने लेने से ही इनकार कर दी जिसके बाद ड्रेसर को फिलहाल जिम्मेदारी दी गई








