
आशीष ताम्रकार जिला ब्यूरो
Hindtimes news नगर निगम भिलाई के तत्कालीन अफसरों का बड़ा कारनामा सामने आया है. जब निगम के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठे तो उसकी जांच के लाखों रुपए में मशीन खरीदकर लैब तैयार कर दी. लेकिन उस लैब को चलाने के लिए इंजीनियरों की भर्ती करना भूल गए. अब वो मशीने सालों से कोने में पड़ी कबड़ा बनती जा रही हैं.

दरअसल, निगम क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे थे.आनन-फानन में अफसरों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचने के लिए लैब बनाने का फैसला किया. लाखों रुपए खर्च करके मशीनों की भी खरीदी कर डाली. लैब बनकर तैयार होने पर बाकायता जोरो-सोरों से उसका प्रचार भी किया. दावे किए अब कोई भी गुणवत्ताहीन काम करने वाले ठेकेदार नहीं बच सकेंगे. और तो और तत्कालीन नेताजी से फीता भी कटवाया गया. लेकिन जब लैब शुरू करने की बारी आई,तब अफसरों को याद आया कि उन्होंने इंजीनियरों की भर्ती तो की ही नहीं. हालांकि कुछ निगम के लोगों को प्रशिक्षण जरूर दिलाया गया. लेकिन उन्होंने कभी लैब की दहलीज में प्रवेश नहीं किया. इसके चलते कभी लैब चालू नहीं हुई. अब बीते 6 से 7 सालों से मशीने कोने पड़ी कबाड़ होती जा रही हैं. लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नही







