
विमल कांत की रिपोर्ट
Hindtimes news24x7 बिलासपुर । जिले में लगातार गिरते भू-जल स्तर और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजय अग्रवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में नए नलकूप एवं ट्यूबवेल खनन पर 6 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।जारी आदेश में कहा गया है कि ग्रामीण एवं नगरीय दोनों क्षेत्रों में बिना अनुमति किसी भी प्रकार का नया नलकूप/ट्यूबवेल खनन नहीं किया जा सकेगा।

यह निर्णय लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रतिवेदन के आधार पर लिया गया है, जिसमें भू-जल स्तर में लगातार गिरावट की स्थिति को गंभीर बताया गया है।प्रशासन ने छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत यह आदेश जारी करते हुए जिले के विकासखंड बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर एवं कोटा को जलाभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है।
आदेश के अनुसार, इस अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति या संस्था नलकूप खनन नहीं कर सकेगी। हालांकि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगर निगम और नगर पंचायतों जैसी शासकीय एजेंसियों को केवल पेयजल आपूर्ति के लिए आवश्यकतानुसार छूट दी गई है। उन्हें पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन कार्य की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देना अनिवार्य रहेगा।आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष परिस्थितियों में अनुमति देने का अधिकार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर एवं कोटा को दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।






