
विमल कांत की रिपोर्ट
Hindtimes news मस्तूरी के पूर्व से पंजीकृत किसानो का ऐग्रीटेक पोर्टल मे पंजीकृत नहीं हो पाया है जिनके कारण क्षेत्र के अधिकतर किसानो का धान बेचने से वंचित हो जायेगा। यदि समय अवधी बढ़ाया जाता है तो सभी किसानो का ऐग्रीटेक पोर्टल पर पंजीयन पूर्ण हो जायेगा जिससे क्षेत्र के किसानो को कोई परेशानी नही होगा








